LYRIC_APNE HOTON PAR SAJANA CHAHTA HUN_QATEEL SHIFAI
APNE HOTON PE SAJANA CHAHTA HUN अपने होटों पर सजाना चाहता हूँ - २ आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ अपने होटों पर सजाना चाहता हूँ ......... कोई आंसू तेरे दामन पर गिरा कर - २ बूँद को मोती बनाना चाहता हूँ - २ अपने होटों पर सजाना चाहता हूँ ......... थक गया मैं करते करते याद तुझको - २ अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ - २ अपने होटों पर सजाना चाहता हूँ ......... छा रहा है सारी बस्ती में अँधेरा - २ रौशनी को घर जलना चाहता हूँ - २ अपने होटों पर ...