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LYRIC-AAH KO CHAHIYE EK UMR ASAR HONE TAK_MIRZA GHALIB

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AAH KO CHAHIYE EK UMR_MIRZA GHALIB   आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक   आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब दिल का क्या रंग करूँ ख़ून-ए-जिगर होते तक   हम ने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन ख़ाक हो जाएँगे हम तुम को ख़बर होते तक   परतव-ए-ख़ुर से है शबनम को फ़ना की ता ' लीम मैं भी हूँ एक इनायत की नज़र होते तक   ग़म-ए-हस्ती का ' असद ' किस से हो जुज़ मर्ग इलाज शम्अ हर रंग में जलती है सहर होते तक   परतव-साया खुर-जानवरों के पैर त गा फुल – जान बूझ कर    

JAB BHI MAIKHANE SE PEE KAR HAM CHAL_SHAYAR- KAAMIL CHANDPURI

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JAB BHI MAIKHANE SE PEE KAR_MEHANDI HASSAN   जब भी मैखाने से पी कर हम चले साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले }}-2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- थक गये थे ज़िंदगी की राह मैं – 2+2   हो के मैखाने से ताज़ा दम चले- 2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- बाद मुद्दत के मिले हैं आज वो 2+2 गर्दिश-ए-दौरान ज़रा मद्धम चले – 2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- जितने ग़म ज़ालिम ज़माने ने दिए – 2+2 दफ़न कर के मैकदे मे हम चले – 2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- पीने वालो मौसमों की क़ैद क्या – 2+2 आज तो इक दौर बे मौसम चले- 2 आज तो इक दौर बे मौसम चले जब भी मैखाने से पी कर हम चले साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले – 2 - कामिल चांदपुरी  

NAINA RE NAINA_MEHANDI HASAN_LYRIC-YUNUS HAMDAM

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NAINA RE NAINA_MEHANDI HASAN_LYRIC-YUNUS HUMDAM   नैना रे नैना तुम्ही बुरे-२ , तुमसे बुरा न कोई ss नैना रे नैना तुम्हे बुरे आप ही प्रीत लगा s ए s रे s पगले , आप ही बैठा रोये ए sss हो ssss नैना रे नैना तुम्ही बुरे s ----- सूना दिन है सूनी रातें , सूना जग है मीत बिना ss, सूनी रिमझिम की बरसातें , सूना सावन गीत बिना ss , जो दिल टूटे sss वो दिल जाने , और ना जाने कोये ss ए ss हो sss नैना रे नैना तुम्ही बुरे , तुमसे बुरा न कोई नैना रे नैना तुम्हे बुरे ss ----- पल दो पल का साथ सुहाना , जीवन भर का रोना ss है , कोई न जाने इस जीवन में , अब आगे क्या होना ss है , मीत किसी को sss मन का मिले और कोई सब कुछ खोये ss , नैना रे नैना तुम्ही बुरे , आप ही प्रीत लगाए पगले और आप ही बैठा रोये , नैना रे नैना तुम्ही बुरे ----- NI._ RE MA

SHAYARI

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                  #Shayari, तेज़ हो जाता है ख़ुशबू का सफ़र शाम के बाद ! फूल इस शहर मे खिलते हैं मगर शाम के बाद !! मेरे बारे मे कोई कुछ भी कहे सब मंज़ूर ! मुझको रहती ही नहीं अपनी ख़बर शाम के बाद !! - कृष्ण बिहारी नूर  
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                     सीने मे तूफान दबाना पड़ता है ! आँखों को अंजान बनाना पड़ता है !! उनका क्या है निकल पड़े हैं बेपरदा ! हमको तो ईमान बचाना पड़ता है !! - विजय तिवारी  

SHAYARI-2

आसमां उसका ज़मीं उसकी सितारे उसके ! रौशनी देते हैं आँखों को नज़ारे उसके !! उसकी मर्ज़ी है डुबो दे के बचा ले मुझको ! कश्तीयां उसकी भँवर उसके कनारे उसके !! ~ नय्यर जलालपुरी    

SHAYARI-1

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                    तेरी निगाह-ए-मस्त से मैख़ाना बन गया ! जिसने भी देखा तुमको , वो दीवाना बन गया !! तेरे रुख़-ए-जमाल पर जिसकी नज़र पड़ी ! वो तेरे शम्म-ए-हुस्न का परवाना बन गया !! ~ डी सी पांडे नज़र