JAB CHAHA JAZBAAT SE KHELA_LYRIC_NASEEM NIFAT
AB CHAHA JAZBAAT SE KHELA_CHANDAN DAS जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , हमने भी ऐसे लोगों से -२ मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- तुमको कुछ एहसास नहीं है , हैरत तो इस बात की है }- २ तुमने तो बातों बातों में-२ दिल का छाला फोड़ दिया , हमने भी ऐसे लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- रह रह कर ये सोच रहा हूँ , कौन है ऐसा जादूगर !- २ जिसकी एक आवाज़ ने बढ़ के ,- २ तूफां का रुख़ मोड़ दिया हमने भी ऐसे लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- क्या करना था , क्या कर बैठे सोचा समझा कुछ भी नहीं , तुम भी तन्हा हो मुझको भी , तुमने तन्हा छोड़ दिया हमने भी ऐसे लोगों से -२ मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- शायर: नसीम रिफ़अत गायक - चन्दन दास