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ISHQ JAB EK TARAF HO TO SAZA DETA HAI_LYRIC_HASRAT JAIPURI

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ISHQ JAB EK TARAF HO TO_HASRAT JAIPURI Lyricist: Hasrat Jaipuri Singer: Hussain Brothers इश्क गर एक तरफ़ हो तो सज़ा देता है-2 और जब दोनों तरफ़ हो तो मज़ा देता है ! इश्क गर एक तरफ़ हो तो सज़ा देता है ---- अपने माथे पे ये बिंदिया की चमक रहने दो- 2 ये सितारा मुझे मंज़िल के पता देता है- 2 और जब दोनों तरफ़ हो तो मज़ा देता है ! इश्क गर एक तरफ़ हो तो सज़ा देता है ---- ऐ नमकपाश तेरी साँवली सूरत की क़सम- 2 दिल का हर ज़ख़्म तुझे दिल से दुआ देता है – 2 और जब दोनों तरफ़ हो तो मज़ा देता है ! इश्क गर एक तरफ़ हो तो सज़ा देता है ---- तू मुझे प्यार से देखे या न देखे ज़ालिम- 2 तेरा अंदाज़ मोहब्बत का पता देता है – 2 और जब दोनों तरफ़ हो तो मज़ा देता है ! इश्क गर एक तरफ़ हो तो सज़ा देता है ----     आग में आग लगाता है सुलगते दिल को- 2 जब वो मिलता है तो दामन से हवा देता है – 2 और जब दोनों तरफ़ हो तो मज़ा देता है ! इश्क गर एक तरफ़ हो तो सज़ा देता है ----   मैं किसी ज़ाम का मोहताज नहीं हूँ ‘हसरत’- 2 मेरा साकी मुझे आँखों से पिला देता है ...

NAZAR MUJHSE MILATI HO_LYRIC_HASRAT JAIPURI

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NAZAR MUJHSE MILATI HO_AHMAD HUSHAIN MOHD. HUSAIN   नज़र मुझसे मिलाती हो तो तुम शरमा-सी जाती हो , इसी को प्यार कहते हैं , इसी को प्यार कहते हैं   } 2   ----- जबाँ ख़ामोश है लेकिन निग़ाहें बात करती हैं – 2 अदाएँ लाख भी रोको , अदाएँ बात करती हैं नज़र नीची , किए दाँतों , में उँगली को दबाती हो इसी को प्यार कहते हैं , इसी को प्यार कहते हैं ----- छुपाने से मेरी जानम , कहीं क्या प्यार छुपता है – 2 ये ऐसा मुश्क है ख़ुशबू , हमेशा देता रहता है तुम तो सब जानती हो, फिर भी तुम मुझको सताती हो इसी को प्यार कहते हैं , इसी को प्यार कहते हैं ! ---- तुम्हारे प्यार का ऐसे हमें इज़हार मिलता है – 2 हमारा नाम सुनते ही, तुम्हारा रंग खिलता है और फिर साज़-ए-दिल पर तुम, हमारे गीत गाती हो इसी को प्यार कहते हैं , इसी को प्यार कहते हैं ---- तुम्हारे घर में जब आऊँ, तो छुप जाती हो परदे में – 2 मुझे जब देख ना पाओ तो घबराती हो परदे में ख़ुद ही चिलमन, उठा कर फिर, इशारों से बुलाती हो इसी को प्यार कहते हैं , इसी को प्यार कहते हैं। नज़र मुझसे मिलाती हो तो तुम श...

JAB CHAHA JAZBAAT SE KHELA_LYRIC_NASEEM NIFAT

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  AB CHAHA JAZBAAT SE KHELA_CHANDAN DAS   जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , हमने भी ऐसे लोगों से -२ मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- तुमको कुछ एहसास नहीं है , हैरत तो इस बात की है }- २ तुमने तो बातों बातों में-२ दिल का छाला फोड़ दिया , हमने भी ऐसे लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- रह रह कर ये सोच रहा हूँ , कौन है ऐसा जादूगर !- २ जिसकी एक आवाज़ ने बढ़ के ,- २ तूफां का रुख़ मोड़ दिया हमने भी ऐसे लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- क्या करना था , क्या कर बैठे सोचा समझा कुछ भी नहीं , तुम भी तन्हा हो मुझको भी , तुमने तन्हा छोड़ दिया हमने भी ऐसे लोगों से -२ मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- शायर: नसीम रिफ़अत गायक - चन्दन दास

SHAYARI 17-06-2026

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                आपसे प्यार कोई नहीं है , आपके हम दीवाने हैं ! आप हैं महफ़िल कि इक शममा , एहले वफा परवाने हैं !! मैख़ाने की बात छोड़ो आओ मेरे साथ चलो ! उनकी आँखों को तो देखो आँखों मे मैख़ाने हैं !! - डी सी पांडे नज़र  

PIYA NAHI JAB GAON ME_NIDA FAZLI_LYRIC

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PIYA NAHI JAB GAON ME_CHANDAN DAS पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- कितनी मीठी थी इमली -2 M 2 साजन थे जब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- उनके जाने की तारीख 2 M 2 दंगल था जब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- लिखने वाले आगे लिख 2 M 2 लौटोगे कब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- मन का सौदा मन के मोल 2 M 2 कैसा है मज़हब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- शायर : निदा फ़ाज़ली  

EID UL AZHA MUBARAQ

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ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो और कहियो कि कोई याद किया करता है  

SHAYARI OF THE DAY

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दिल न मिलते तो मुलाक़ात अधूरी रहती, बात तो होती मगर बात अधूरी रहती ! शुक्रिया तेरा तेरे आने से रौनक़ तो बढ़ी, वरना ये महफ़िल-ए-जज़्बात अधूरी रहती ! - पयाम सईदी