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JAB CHAHA JAZBAAT SE KHELA_LYRIC_NASEEM NIFAT

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  AB CHAHA JAZBAAT SE KHELA_CHANDAN DAS   जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , हमने भी ऐसे लोगों से -२ मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- तुमको कुछ एहसास नहीं है , हैरत तो इस बात की है }- २ तुमने तो बातों बातों में-२ दिल का छाला फोड़ दिया , हमने भी ऐसे लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- रह रह कर ये सोच रहा हूँ , कौन है ऐसा जादूगर !- २ जिसकी एक आवाज़ ने बढ़ के ,- २ तूफां का रुख़ मोड़ दिया हमने भी ऐसे लोगों से मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- क्या करना था , क्या कर बैठे सोचा समझा कुछ भी नहीं , तुम भी तन्हा हो मुझको भी , तुमने तन्हा छोड़ दिया हमने भी ऐसे लोगों से -२ मिलना जुलना छोड़ दिया जब चाहा जज़्बात से खेले , जब चाहा दिल तोड़ दिया , ---- शायर: नसीम रिफ़अत गायक - चन्दन दास

SHAYARI 17-06-2026

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                आपसे प्यार कोई नहीं है , आपके हम दीवाने हैं ! आप हैं महफ़िल कि इक शममा , एहले वफा परवाने हैं !! मैख़ाने की बात छोड़ो आओ मेरे साथ चलो ! उनकी आँखों को तो देखो आँखों मे मैख़ाने हैं !! - डी सी पांडे नज़र  

PIYA NAHI JAB GAON ME_NIDA FAZLI_LYRIC

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PIYA NAHI JAB GAON ME_CHANDAN DAS पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- कितनी मीठी थी इमली -2 M 2 साजन थे जब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- उनके जाने की तारीख 2 M 2 दंगल था जब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- लिखने वाले आगे लिख 2 M 2 लौटोगे कब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- मन का सौदा मन के मोल 2 M 2 कैसा है मज़हब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- शायर : निदा फ़ाज़ली  

EID UL AZHA MUBARAQ

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ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो और कहियो कि कोई याद किया करता है  

SHAYARI OF THE DAY

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दिल न मिलते तो मुलाक़ात अधूरी रहती, बात तो होती मगर बात अधूरी रहती ! शुक्रिया तेरा तेरे आने से रौनक़ तो बढ़ी, वरना ये महफ़िल-ए-जज़्बात अधूरी रहती ! - पयाम सईदी  

USNEY LOOTA HAM LUTE HAIN_उसने लूटा हम लूटे हैं, तुमसे क्या चर्चा करें_LYRIC- RAUSHAN PUKHRAJ

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USNEY LOOTA HAM LUTE HAIN   उसने लूटा हम लूटे हैं , तुमसे क्या चर्चा करें , हम तो रुस्वा हो चुके हैं , उसको क्यूँ रुस्वा करें ! उसने लूटा हम लूटे हैं ---- नौजवानी  में सभी से , होते हैं ये हादसे , हम कहाँ के क़ैस हैं जो इश्क़ का दावा करें ! उसने लूटा हम लूटे हैं ---- जो नसीबे ग़ैर की दौलत हो उसकी क्या खुशी , क्यूँ किसी के हुस्न को , हसरत से अब देखा करें उसने लूटा हम लूटे हैं ---- ए दिले नादान तुझे , ग़म तो किसी ने दे दिया , चल किसी तबदीर से अब , ज़ब्ते ग़म पैदा करे ! उसने लूटा हम लूटे हैं ---- हमने ख़ुद अपनी ख़ता की , खूब पाई हैं सज़ा , क्या कोई कमज़र्फ़ हैं , जो हुस्न का शिकवा करे उसने लूटा हम लूटे हैं ---- शायरा- रोशन पुखराज , गायक - चन्दन दास  

LYRIC_BHOOL SHAYAD BAHUT BADI KAR LEE_BASHEER BADAR

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  BHOOL SHAYAD BAHUT BADI KAR LEE_BASHEER BADRA   भूल शायद बहुत बड़ी कर ली हम ने दुनिया से दोस्ती कर ली   तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली   उसने नज़रें बचा के देख लिया आँखों आँखों में बात भी कर ली   आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है बेवफ़ाई कभी कभी कर ली   हम नहीं जानते चराग़ों ने क्यों अँधेरों से दोस्ती कर ली   धड़कनें दफ़्न हो गई होंगी दिल में दीवार क्यों खड़ी कर ली ---- शायर: डॉ. बशीर बद्र