बोझ दिल को बहुत न ढोने दे, जो भी आराम से हो होने दे ! ऐसे सपनो की क्या ज़रूरत है, जो हमें चैन से सोने न दे ! - चन्दन राय मेरी इज़्ज़त उछल सकती थी, यूँ भी अरमान पाल सकती थी, उसने अच्छा किया कि छोड़ दिया है, वरना ड्रम में भी डाल सकती थी ! - चन्दन राय ---- वो तेरे साथ चल भी सकता है, तुमसे आगे निकल भी सकता है ! प्यार करना यक़ीन मत करना, आदमी है बदल भी सकता है ! -चन्दन राय ---- हम मुसीबत से गिर नहीं सकते, अपने वादों से फिर नहीं सकते ! ऐ मोहब्बत तुम्हारे क़दमों में, झुक तो सकते हैं गिर नहीं सकते ! - चन्दन राय