SUFI SHAYARI

ऐसा जो कोई यार कहीं हो तो बताऊँ,
बाज़ार में मिलता हो तो बाज़ार से लाऊँ,
उस शक्ल की तस्वीर बनी हो तो दिखाऊं,
तुमको जो तमन्ना है कि मैं भी उसे पाऊं,
इस दिल में उतर कर उसे ढूंढ़ो तो मिलेगा,
ऐसे नहीं मिलता उसे पूजो तो मिलेगा !
- हज़रत मंज़ूर आलम शाह 


 

Comments

Popular posts from this blog

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI

LYRIC_AGAR HAM KAHEN AUR WO MUSKURA DE_SUDARSHAN FAQIR

PIYA NAHI JAB GAON ME_NIDA FAZLI_LYRIC