हद हो गई भाई, आप कह रहे हो नोट बंदी में 50 दिन कष्ट सह लो. अभी कह रहे हो सिनेमा में राष्ट्रगान के लिए खड़े हो जाओ, कल को कहोगे सड़क पर थूको मत. परसों दीवाल पर पेशाब करने से मना करोगे, उसके अगले दिन रेलवे ट्रैक गन्दा करने से भी रोक दोगे. उधर कचड़ा मत फेंको ये न करो वो न करो फिर 2 से ज़्यादा बच्चे पैदा नहीं करने दोगे, उसके बाद सबके बच्चों को 2 साल तक सेना में जाने की भी ज़बर्दस्ती करोगे. फिर बोलोगे बिधायक और सांसद के लिये शिक्षा और दो साल का सेना में नौकरी भी अनिवार्य होगा।। झोलटंग समझ लिए हो क्या? ये कैसा भारत बनाना चाहते हो? आखिर हम अनपढ़, जाहिल, काहिल, घूसखोर, मक्कार लोग कहाँ जाएंगे, अंधेरगर्दी है क्या? अजी हमारे कोई अधिकार हैं भी या नहीं ? हम भी इसी धरती पर पैदा हुए हैं। ये कैसा प्रजातंत्र है? हम संसद चलने नहीं देंगे.......!