JAB BHI MAIKHANE SE PEE KAR HAM CHAL_SHAYAR- KAAMIL CHANDPURI
JAB BHI MAIKHANE SE PEE KAR_MEHANDI HASSAN जब भी मैखाने से पी कर हम चले साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले }}-2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- थक गये थे ज़िंदगी की राह मैं – 2+2 हो के मैखाने से ताज़ा दम चले- 2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- बाद मुद्दत के मिले हैं आज वो 2+2 गर्दिश-ए-दौरान ज़रा मद्धम चले – 2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- जितने ग़म ज़ालिम ज़माने ने दिए – 2+2 दफ़न कर के मैकदे मे हम चले – 2 साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले ss ----- पीने वालो मौसमों की क़ैद क्या – 2+2 आज तो इक दौर बे मौसम चले- 2 आज तो इक दौर बे मौसम चले जब भी मैखाने से पी कर हम चले साथ ले कर सेंकड़ों आलम चले – 2 - कामिल चांदपुरी