LYRIC- HALKA HALKA SURU HAI SAQI SHAYAR SHEK ABDUL HAMEED 'ADAM'
HALKA HALKA SURU HAI SAQI_ABDUL HAMID ADAM
हल्का हल्का सुरूर है साक़ी
बात कोई ज़रूर है साक़ी
तेरी आँखें किसी को क्या देंगी
अपना अपना सुरूर है साक़ी
तेरी आँखों को कर दिया सज्दा
मेरा पहला क़ुसूर है साक़ी
तेरे रुख़ पर है ये परेशां ज़ुल्फ़ें
इक अँधेरे में नूर है साक़ी
पीने वालों को भी नहीं मालूम
मय-कदा कितनी दूर है साक़ी
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शायर : अब्दुल हमीद अदम
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