GHAMO KI BHEED KHADI HAI_CHANDAN DAS_
शराब ग़म की दवा है शराब पीने दे,
ज़माना मुझसे ख़फ़ा है, शराब पीने दे !
खुलेगा अब्र तो हम भी नमाज़ पढ़ लेंगे,
अभी तो काली घटा है शराब पीने दे !
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ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पीये,
ये इम्तिहाँ की घड़ी है चलो शराब पीएं !
ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पियें
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ये थोड़ी देर के मिलने बिछड़ने का ग़म क्यूँ - 3
तमाम उम्र पड़ी है चलो शराब पियें !
ये इम्तिहाँ की घड़ी है चलो शराब पीएं !
ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पियें
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उदासियों में इन्हें चाँद तारे मत समझो- 3
ये आंसुओं की -२ लड़ी है चलो शराब पियें,
ये इम्तिहाँ की घड़ी है चलो शराब पीएं !
ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पियें
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किसी के नाम से आओ संवार ले दुनियां - 3
किसी से-२ आँख लड़ी है चलो शराब पियें
ये इम्तिहाँ की घड़ी है चलो शराब पीएं !
ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पियें
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वो ख़ुद ही आएंगे या हम बुला के लाएंगे,
यहीं पे - २ बात अड़ी है चलो शराब पीएं
ये इम्तिहाँ की घड़ी है चलो शराब पीएं !
ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पियें
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अभी जवान हो तुम क्या नमाज़ क्या रोज़ा-3
अभी तो उम्र पड़ी है चलो शराब पियें
ये इम्तिहाँ की घड़ी है चलो शराब पीएं !
ग़मो की भीड़ खड़ी है चलो शराब पियें
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शायर - गुमनाम इंदौरी

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