LYRIC_AGAR HAM KAHEN AUR WO MUSKURA DE_SUDARSHAN FAQIR
AGAR
HAM KAHEN AUR WO MUSKURA DE_JAGJEET_SUDARSHAN FAQIR
M अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें-2
M हम उन
के
लिए
ज़िंदगानी
लुटा
दें
F हर इक
मोड़
पर
हम
ग़मों
को
सज़ा
दें- 2
F चलो ज़िंदगी
को
मोहब्बत
बना
दें
F हर इक
मोड़
पर
हम
ग़मों
को
सज़ा
दें
----
M अगर ख़ुद
को
भूले
तो
कुछ
भी
न
भूले- 2
M कि चाहत
में
उन
की
ख़ुदा
को
भुला
दें
M अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें
----
F कभी ग़म
की
आँधी
जिन्हें
छू
न
पाए- 2
F वफ़ाओं के
हम
वो
नशेमन
बना
दें
F अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें
----
M क़यामत के
दीवाने
कहते
हैं
हम
से
- 2
M चलो उन
के
चेहरे
से
पर्दा
हटा
दें
M अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें
----
F सज़ा दें
सिला
दें
बना
दें
मिटा
दें-2
F मगर वो
कोई
फ़ैसला
तो
सुना
दें
F हर इक
मोड़
पर
हम
ग़मों
को
सज़ा
दें
F चलो ज़िंदगी
को
मोहब्बत
बना
दें
M अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें
M हम उन
के
लिए
ज़िंदगानी
लुटा
दें
F चलो ज़िंदगी
को
मोहब्बत
बना
दें
M अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें
F चलो ज़िंदगी
को
मोहब्बत
बना
दें
M अगर हम
कहें
और
वो
मुस्कुरा
दें
----
सुदर्शन फ़ाक़िर
गायक: जगजीत सिंह चित्रा सिंह

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