CHANDAN RAI KI SHAYARI
बोझ दिल को बहुत न ढोने दे,
जो भी आराम से हो होने दे !
ऐसे सपनो की क्या ज़रूरत है,
जो हमें चैन से सोने न दे !
- चन्दन राय
मेरी इज़्ज़त उछल सकती थी,
यूँ भी अरमान पाल सकती थी,
उसने अच्छा किया कि छोड़ दिया है,
वरना ड्रम में भी डाल सकती थी !
- चन्दन राय
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वो तेरे साथ चल भी सकता है,
तुमसे आगे निकल भी सकता है !
प्यार करना यक़ीन मत करना,
आदमी है बदल भी सकता है !
-चन्दन राय
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हम मुसीबत से गिर नहीं सकते,
अपने वादों से फिर नहीं सकते !
ऐ मोहब्बत तुम्हारे क़दमों में,
झुक तो सकते हैं गिर नहीं सकते !
- चन्दन राय
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