हुज़ूर साहब की शायरी

गुरूदेव के चरणों मे नमन :

काबा मे भी जलवा है काशी मे नजारा है,
हम जिसके पुजारी हैं वो सब का सहारा है !
आँखों मे लगाया है उस कूचए जाना को,
उस खाक का हर ज़र्रा इस जान से प्यारा है !
-हज़रत मंज़ूर आलम शाह 


 

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