SHAYARI

 

दौलत  कमाने  वाले  तुझे  ये  ख़याल है,
शीशे के इस मकान में पत्थर भी आयेंगे !
-मोहम्मद_अली_साहिल

ज़रूरी तो नहीं कि शायरी सिर्फ़ आशिक़ ही करें,

ज़िंदगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दे जाती है।

सुप्रभात
दुआ करो की मै उसके लिए दुआ हो जाऊं,
वो एक शख्स जो दिल को दुआ सा लगता है ।।
-अज्ञात
(With My Oldest and Best Friend Yogesh Bhadauria and his wife Puja Bhadauria during musical concert

खोफ़-ए-मौत है किस कदर दुनिया में,

खोफ़-ए-रब होता तो क्या बात थी !

कहीं भी हो, जहां भी हो,  वहां खुश रहो  दोस्त,

मिलना जरूरी नहीं है, तुम्हारा रहना जरूरी है !

अज्ञात


एक छोटे से भी पत्थर की रवां है पूजा,

वो कोई लालो गुहार हो ये ज़रूरी तो नहीं !!

-अज्ञात


मेरी बात को वो समझता नहीं है !

अभी ज़िंदगी का तज़ुर्बा नहीं है !!

यहां क़ातिलों की हुकूमत है यारों !

मेरे शहर में अब मसीहा नहीं है !!

~ नित्यानंद तुषार














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