लॉज गौर हरी सिंहानिया 391 की मीटिंग के बाद  ग्रुप फोटो 

दौलत नहीं मैंने इज़्ज़त कमाई है !
लोगों के दिलों में जगह बनाई है !!
तुम क्या समझोगे चकाचौंध के आशिक़ !
मैंने किरदार के लौ से शम्मा जलाई है !!
- मसूद अहमद 'मसूद'


 

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