SHAYARI 13-11-2023

दौलत नहीं मैंने इज़्ज़त कमाई है !

लोगों के दिलों में जगह बनाई है !!

तुम क्या समझोगे चकाचौंध के आशिक़ !

मैंने किरदार के लौ से शम्मा जलाई है !!

- मसूद अहमद 'मसूद'

For Ghazal Programme # +91 9140886598

--

सलामत रहे तेरी आँखों की मस्ती,
मुझे मयकशी की जरूरत नहीं है

For Ghazal Programme # +91 9140886598

छलकते जाम का मौहताज मैं नहीं साक़ी,
तेरी निगाह सलामत मुझे कमी क्या है।

For Ghazal Programme # +91 9140886598

जाम पर जाम पीने का क्या फ़ायदा
रात गुज़री तो सारी उतर जाएगी
तेरी नज़रों से पी है ख़ुदा की क़सम
उम्र सारी नशे में गुज़र जाएगी

For Ghazal Programme # +91 9140886598






 

Comments

Popular posts from this blog

MOHABBAT KARNE WALE KAM NA HONGE_LYRIC_HAFEEZ HOSHIYARPURI

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI