SHAYARI 05-10-2024

उम्र पचास पार है लेकिन, शक्ल हमारी तीस के जैसी,

मुझको अंकल कहने वाले, धत्त तुम्हारी ऐसी तैसी !

उनने कहा था हर शाम तुम्हरा हाल पूछा करेंगे,

वो बदल गए हैं या उनके शहर में शाम नहीं होती

बेटे के कॉलेज गया तो, टीचर देख मुझे मुस्कुराई,

बोली क्या मेनटेइंड हो मिस्टर, पापा हो पर लगते हो भाई

उसके कद का अंदाज़ा कोई न कर सका ।

वो आसमाँ है और सर झुका के चलता है ।।

पडोसन बोली, सेकंड हैंड हो,

लेकिन फ़्रेश के भाव बिकोगे

बस थोड़ी सी दाढ़ी सैट करा लो,

अनिल कपूर जैसे दिखोगे

हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की,

आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है

जो रहते हैं दिल में वो जुदा नहीं होते..

कुछ एहसास लफ़्ज़ों सेबयां नहीं होते..

एक हसरत है कि उनको मनाये कभी..

एक वो हैं कि कभी खफा नहीं होते..

 














 

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