TERI NIGAHON PE MAR MAR GAYE HUM_LYRIC

                                    TERI NIGAHON PE MAR MAR GAYE HUM

 

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम,

बाकी अदाओं पे मर मर गए हम,

क्या करें.. क्या करें.. क्या करें.....

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम

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ज़ुल्फ़ों में ले के सारी रात चले,

सारा ज़माना लिए साथ चले }- 2

ऐसे में जीने का मज़ा है सनम,

आँखों में तेरी मेरी बात चले,

बेवफा एक निगाह, देख ले देख भी ले

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम,

बाकी अदाओं पे मर मर गए हम,

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वल्लाह बेघर हूँ बेनाम हूँ मैं,

दिल ने जो भेजा वह सलाम हूँ मैं, } -2

साक़ी की जिस पे नज़र न हुई,

ऐसा प्यासा एक जाम हूँ मैं,

बेवफा एक निगाह, देख ले देख भी ले

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम,

बाकी अदाओं पे मर मर गए हम,

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तेरी अदा का तो जवाब नहीं,

मेरी वफ़ा का भी हिसाब नहीं, } - 2

सूरत तुम्हारी बड़ी खूब सही,

दिल तो हमारा भी ख़राब नहीं,

बेवफा एक निगाह, देख ले देख भी ले

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम,

बाकी अदाओं पे मर मर गए हम,

क्या करें.. क्या करें.. क्या करें.....

तेरी निगाहों पे मर मर गए हम

बाकी अदाओं पे मर मर गए हम

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गायक : मुकेश

फिल्म: शबनम (१९६४)

संगीत - उषा खन्ना

गीत कार: जावेद अनवर

 

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