आयकर कानून

आयकर कानून : नए नियमो के अनुसार आपको इनपर भरना होगा ज्यादा टेक्स, जानिए क्या है नए नियम_

जागरूक नागरिक उज्ज्वल भविष्य भारत का
प्रतापसिंह

आपके वित्तीय लेनदेन और बैंक से जुड़े कई काम बदल गए हैं. यह बदलाव वित्तीय वर्ष 2022 के लिए लागू हैं और कुछ की सीमा बढ़ाई गई है. लेकिन बदलावों को मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही अमल में लाना है.

अगर आप चाहते हैं कि आगे चलकर कोई परेशानी न हो, टैक्स आदि के झंझटों से मुक्त रहना पड़े तो इन 5 नियमों के बारे में जान लें. ये नियम पीएफ PF, टीडीएस TDS, पैन लिंकेज PAN linkage, लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान linked insurance plan और सीनियर सिटीजन आईटीआर से जुड़े हैं.

1- पीएफ पर ब्याज
प्रोविडेंट फंड PF के ब्याज पर लगने वाले टैक्स का नियम इस साल नया लागू हुआ है. ईपीएफ पर मिलने वाले ब्याज को लेकर सरकार ने नया नियम घोषित किया है. अगर ईपीएफ में पैसा जमा है और उस पर 2.5 लाख रुपये तक या उससे ज्यादा ब्याज की कमाई होती है तो अब इनकम टैक्स चुकाना होगा. इस नए वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल 2021 के बाद यह नियम लागू है. हालांकि इसमें टैक्सपेयर को एक बड़ी सुविधा दी गई है. अगर आपके पीएफ में कंपनी की ओर से कोई पैसा जमा नहीं होता तो ईपीएफ के 5 लाख रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं.

2-टीडीएस का नया नियम:
इस साल टीडीएस ऊंची दर पर काटा जा रहा है. यह 1 जुलाई, 2021 से प्रभावी है. यह नियम उनके लिए है जिन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है. जिन लोगों ने आईटीआर फाइल नहीं की है और जिनके टीडीएस की कटौती बनती है, उनका टीडीएस पहले की तुलना में ज्यादा कटेगा. अगर किसी टैक्सपेयर का टीडीएस 50,000 रुपये से ज्यादा कटता है और वह इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करता तो उसका टीडीएस ऊंची दर पर कटेगा. यह नियम पिछले दो आईटीआर फाइलिंग को लेकर है. इनकम टैक्स की धारा के मुताबिक जितने परसेंट टैक्स की कटौती बनती है, उससे दुगनी पर टीडीएस कटेगा. अगर टैक्सपेयर ने टीडीएस काटने वाले संस्थान को पैन की जानकारी नही दी है तो 20 परसेंट तक कट सकता है.

3- पैन लिंकेज:
अपने पैन को आधार नंबर से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है. पहले इसकी अंतिम तारीख 30 जून, 2021 निर्धारित थी लेकिन बाद में कोरोना महामारी के चलते 30 सितंबर तक मियाद बढ़ा दी गई. अगर इस निर्धारित तारीख तक पैन और आधार को लिंक नहीं कराते हैं या करते हैं तो पैन बंद हो जाएगा और फिर आपको जुर्माना भरना पड़ेगा, यह काम बहुत आसान है और घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है. लगभग सभी वित्तीय संस्थाओं या बैंकों की सेवाओं का लाभ लेने के लिए पैन-आधार लिंग को जरूरी बना दिया गया है.

*4- लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान*
इंश्योरेंस प्लान में निवेश करते हैं तो इस वित्तीय वर्ष कुछ नियमों में बदलाव किए गए हैं. ये बदलाव लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान या जो प्लान शेयर मार्केट से जुड़े हैं, उनमें किए गए हैं. अगर आप एक साल में लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान में 2.5 लाख रुपये तक या उससे ज्यादा का प्रीमियम भरते हैं, उस प्लान का वित्तीय लाभ लेते हैं तो कमाई का पैसा कैपिटल गेन्स में गिना जाएगा और आपको टैक्स भरना होगा. यह ठीक वैसे ही है जैसे किसी इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. हालांकि जो इंश्योरेंस प्लान नॉन लिंक्ड या शेयर बाजार से जुड़े नहीं हैं, उन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.

5-सीनियर सिटीजन आईटीआर:
अब 75 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को इनकम टैक्स रिटर्न भरने से छूट दी गई है. लेकिन इसमें एक शर्त है. वरिष्ठ नागरिक जिस किसी एक बैंक से पेंशन लेते हैं और उसी बैंक से ब्याज पाते हैं तो उस निश्चित मौजूदा साल में आईटीआर भरने की जरूरत नहीं होगी. मान लें कि किसी वरिष्ठ जन का एसबीआई में खाता है और वे पेंशन सहित ब्याज का लाभ लेते हैं तो उन्हें आईटीआर भरने की बाध्यता नहीं होगी. यह नियम वित्तीय वर्ष 2021 से लागू है. पहले ऐसा नहीं था.

एडवोकेट प्रताप सिंह सुवाणा
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