Dhoop Bhari Chat Pe Baras Gaya Pani_Cover_Pradeep Srivastava_धूप भरी छत ...

DHOOP BHARI CHHAT PE_CHANDAN DAS_NIDA FAZLI

 

धूप भरी छत पे, बरस गया पानी,
आँगन में आके अंगीठी बुझा दे- 2
नागिन सा लहरा के-2 डस गया पानी
धूप भरी छत पे, बरस गया पानी
आँगन में आके अंगीठी बुझा दे-2
धूप भरी छत पेsss

----------

झूलो में लहराए सतरंग सावन
जागे पड़ोसी जगाए पड़ोसन
छन छन छना छन छना छन छना छन
वीणा के तारो सा-2 कस गया पानी
आँगन में आके अंगीठी बुझा दे-2
नागन सा लहरा के डस गया पानी
धूप भरी छत पेss

----------

खिड़की अंधेरो में खिड़की को खीछे
मौसम ना देखें कभी आगे पीछे
लेकिन गली अपनी आँखे ना मीचे
थाना कचहरी में-2 फस गया पानी
आँगन में आके अंगीठी बुझा दे-2
नागन सा लहरा के डस गया पानी
धूप भरी छत पेss

-----------

छप्पर की कुटिया ना कुंजी ना ताले
जब चाहें बरसात नींदे चुराए
रोटी को बेले या घर को संभाले
जलते तवे पर-2 झुलस गया पानी
आँगन में आके अंगीठी बुझा दे-2
नागन सा लहरा के डस गया पानी
धूप भरी छत पे, बरस गया पानी
आँगन में आके अंगीठी बुझा दे
नागन सा लहरा के डस गया पानी
धूप भरी छत पे हो

======


https://youtu.be/i1DIoXNHeGU


Comments

Popular posts from this blog

MOHABBAT KARNE WALE KAM NA HONGE_LYRIC_HAFEEZ HOSHIYARPURI

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI