सहर करीब है तारों का हाल क्या होगा !
अब इंतज़ार के मारों का हाल क्या होगा !!
तेरी निगाह ने ज़ालिम ये कभी सोचा है !
तेरी निगाह के मारों का हाल क्या होगा !! 



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