SHAYRI

सुबह का सलाम और ये पहला शेर :

मेरी हंसी तो मेरे गमो का लिबास है !  
लेकिन जमाना इतना कहाँ गम सनास है !!
जब मैं उदास था तो ज़माना था मुतमईन !

अब मैं हूँ मुतमईन तो ज़माना उदास है !!  

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