Sufi_ Jhumat Awat Nand Ke Lala_Hazrat Manzur Alam 'Kalandar Maujshaahi'
झूमत आवैं नन्द के लाला,
गलियों में नजरिया लगि जइहै !
बंसुरिया कि मन मोह डारेयो,
छवि वो ऐसी कि बौरी बनायो,
देखत उनको समझ यही आयो,
कि जियरा निकासि के उन पर वारेयो,
झूमत आवैं नन्द के लाला,
गलियों में नजरिया लगि जइहै !
https://youtu.be/Tzgv3QfFUK0
Comments
Post a Comment