NA TUM HAME JANO - FILM - SOLWAN SAWAN - HEMANT KUMAR


NA TUM HAME JANO
FILM: BAAT EK RAAT KI – HEMANT AND SUMAN KALYANPURI
LYRIC: MAZROOH SULTANPUR & MUSIC : HEMANT KUMAR


हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ   हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ              
मगर लगता, है कुछ ऐसा,
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ - मिल गयाss
न तुम हमें जानो, न हम तुम्हें जानें
मगर लगता है कुछ ऐसा, मेरा हमदम मिल गयाss
----

ये मौसम ये रात चुप है, ये होंठों की बात चुप है }
खामोशी सुनाने लगी, है दास्तां} - २
नज़र बन गई है, दिल की ज़ुबां
न तुम हमें जानो, न हम तुम्हें जानें
मगर लगता है कुछ ऐसा, मेरा हमदम मिल गयाss
----

मुहब्बत के मोड़ पे हम, मिले सबको छोड़ के हम
धड़कते दिलों का लेके, ये कारवां }  -
चले आज दोनो, जाने कहाँ
न तुम हमें जानो, न हम तुम्हें जानें
मगर लगता है कुछ ऐसा, मेरा हमदम मिल गयाss
----

Comments