AAJ KI SHAYARI 09-12-2024

उम्र जलवों में बसर हो ये ज़रूरी तो नहीं
हर शब-ए-ग़म की सहर हो ये ज़रूरी तो नहीं
शैख़ करता तो है मस्जिद में ख़ुदा को सज्दे
उस के सजदों में असर हो ये ज़रूरी तो नहीं
-खामोश ग़ाज़ीपुरी


 

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