डरते डरते

डरते-डरते
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घर पर ही रहते--रहते
मन धीरज धरते-धरते

अन्दर से बीमार हो गए
परहेज सब करते-करते

आज बाहर निकल गये
पुलिस  से  डरते--डरते

संकरी गली से निकले
बच  गए  गिरते-गिरते

इधर कुआं उधर खाई
हम तो बचे मरते-मरते

बाहर से अच्छा अन्दर
सावधानी बरते--बरते

वृक्ष सी जिंदगी परिंदा
पत्ते सभी झरते-झरते

राम शर्मा परिंदा
मनावर जिला धार मप्र

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