जो साथ दे दे सारा भारत, तो फिर से मुस्कुरायेगा भारत

एक बार एक पक्षी

समुंदर में से चोंच से पानी बाहर निकाल रहा था।

दूसरे ने पूछा -

भाई ये क्या कर रहा है?

पहला बोला -

 समुंदर ने मेरे बच्चे डूबा दिए है अब तो इसे सूखा कर ही रहूँगा।

यह सुन दूसरा बोला भाई तेरे से क्या समुंदर सूखेगा !

तू छोटा सा और समुंदर इतना विशाल।

तेरा पूरा जीवन लग जायेगा फिर भी समुंदर को फर्क नही पड़ेगा !

पहला पक्षी बोला -

देना है तो साथ दे !

सिर्फ़ सलाह नहीं चाहिए।

यह सुन दूसरा पक्षी भी साथ लग लिया।

ऐसे हज़ारों पक्षी आते गए और दूसरे को कहते गए

सलाह नहीं साथ चाहिए।

यह देख भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी भी इस काम के लिए जाने लगे।

भगवान बोले तू कहा जा रहा है ?

तू गया तो मेरा काम रुक जाएगा !

तुम पक्षियों से समुंदर सूखना भी नहीं है।

गरुड़  जी ने बोला

भगवन सलाह नहीं साथ चाहिए 

फिर क्या ऐसा सुन भगवान विष्णु जी भी समुंदर सुखाने आ गये।

भगवन के आते ही समुंदर डर गया और उस पक्षी के बच्चे लौटा दिए ।

आज इस संकट के समय में भी देश को हमारी सलाह नहीं साथ चाहिए।

आज सरकार को कोसने वाले नहीं समाज के साथ खड़े हो कर सेवा करने वाले लोगों की आवश्यकता है।

इसलिए सलाह नहीं साथ दें।

जो साथ दे दे सारा भारत, तो फिर से मुस्कुरायेगा भारत।


 

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