HUZUR SAHEB AMRIT WACHAN AUGUST, 2006_PART-4B

HUZUR SAHEB AMRIT WACHAN  AUGUST, 2006_PART-4B

पूज्यनीय गुरुवर हज़रत मंज़ूर आलम शाह 'कलंदर मौजशाही' ' हुज़ूर साहेब' अपने जीवन काल में हर चौमासे पर चिल्ला पूर्ण होने के बाद महफ़िल और नियाज़ का आयोजन करवाते थे | उस दौरान हुज़ूर साहेब अपने आशिक़ और अपने मुरीदों को अमृतवचन से नवाज़ते थे | आप के अमृत वचन जीने का एक सहारा बन गए हैं |  इसी क्रम में अगस्त 2006 में हुज़ूर साहेब ने अपने अमृतवचन से अपने आशिक़ों और मुरीदों को नवाज़ा वो आपकी ख़िदमत में पेश है | उस समय रिकॉर्डिंग कैसेट में की जाती थी और कैसेट में एक साइड पर 30 मिनट की रिकॉर्डिंग होती थी | कैसेट ख़तम होने पर कैसेट को पलट कर दोबारा लगाने पर काफ़ी हिस्सा छूट जाता था इसलिए वो कंटीन्यूटी नहीं बन पाती थी जो कि उस वक़्त संभव नहीं था उसके लिए आपसे मुआफ़ी चाहूंगा | 

जो भी रिकॉर्डिंग हुई है इसे बार बार सुने अपने इस अमूल्य जीवन में एक नई ऊर्जा पैदा करें |

आपका सेवक,

प्रदीप श्रीवास्तव

+919984555545

https://youtu.be/7EyOoe0FFS8


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