SHAYARI 09-01-2025

मुट्ठी भर ही सही...
इश्क़ सभी को है..

न ढूंढ मेरा "किरदार"....दुनिया की भीड़ में.......!

"वफादार" तो हमेशा...."तन्हा" ही मिलते हैं.......!!  

कोई ज़ख्म दे तो उसे माफ़ी देने का जिगर रखना,

इस जहां में अपने दिल में एक प्रेम का घर रखना,

कश्ती भले टूटी ही मिल जाए उफनते दरिया में,

मगर हौसले से जारी ये जिन्दगी का सफ़र रखना। 

 

ए...उम्र...माना की तू बड़ी "हस्ती" है.......!🌳*

जब चाहे...मेरा "बचपन"...छीन सकती है.......!!🌳🌳

पर "गुरूर" मत कर....अपनी "हस्ती" पर......!🌳

मुझे भी नाज़ है....अपनी "मस्ती" पर.......!!🌳🌳

गर दम है...तो...कर इतनी सी "खता".......!🌳

बचपन तो छीन लिया... "बचपना" छीन कर बता......!!🌳🌳  

महकते गुलशन में आएँगे पंछी हजारों हर पल,

बिगड़े वक्त में कोई नया दोस्त बन जाए तो बताना !

दर्द थम जाएगा, ज़ख़्म भर जाएगा,

वक़्त अच्छा-बुरा सब गुज़र जाएगा  !

जाना चाहे अगर वो तो जाने दे तू,

वो है तेरा तो फ़िर लौट कर आएगा  !

- अल्फ़ाज़


  










 

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