HUZUR SAHEB KE AMRITWACHAN_APRIL_2002_PART-3_हुज़ूर साहेब के अमृतवचन_अप्र...

HUZUR SAHEB KE AMRITWACHAN_APRIL_2002_PART-3_हुज़ूर साहेब के अमृतवचन_अप्रैल_2002-भाग – 3

अप्रैल २००२  को सुप्रसिद्ध सूफी संत हज़रत मंज़ूर आलम शाह 'कलंदर मौजशाही' जिन्हें सभी लोग हुज़ूर साहेब के नाम से जानते वो अपने चौमासे नियाज़ और महफ़िल के दौरान अपने मुरीदों/आशिकों को इंसानियत की राह के बारे में अपने तक़रीर के माध्यम से बताते रहते थे | अप्रैल २००२  में उनके द्वारा प्रस्तुत किये गए अमृतवचन भाग ३ की रिकार्डिंग आपकी ख़िदमत में पेश है | आशा करता हूँ कि आप इसे बार बार सुनेंगे और अपने इस अमूल्य जीवन में एक नई ऊर्जा पैदा करेंगे |

शुक्रिया,


https://youtu.be/F8d50jXVN_4


Comments

Popular posts from this blog

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI

PIYA NAHI JAB GAON ME_NIDA FAZLI_LYRIC

LYRIC_AGAR HAM KAHEN AUR WO MUSKURA DE_SUDARSHAN FAQIR