बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता – बशीर बद्र - - - - फ़क़ीर मिज़ाज हूँ मैं अपना अंदाज़ औरों से जुदा रखता हूँ ! लोग मस्जिद में जाते हैं मैं अपने दिल में ख़ुदा रखता हूं !! - - - - कितनी क़ातिल है ये आरज़ू ज़िंदगी की , मर जाते है किसी पर लोग जीने के लिए - - - - रख हौसला वो मंजर भी आयेगा , शराबी के पास चल के शराब भी आएगी , थक कर न बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर , शराब भी मिलेगी और पीने का मज़ा भी आयेगा । - - - - ‘ बजी न मंदिर में घड़ियाली , चढ़ी न प्रतिमा पर माला , बैठा अपने भवन मुअज्ज़िन देकर मस्जिद में ताला , लुटे ख़जाने नरपितयों के गिरीं गढ़ों की दीवारें , रहें मुबारक पीनेवाले , खुली रहे यह मधुशाला ’ - हरिवंश राय बच्चन - - - - किस ज़रूरत के भला पेश ए नज़र खोल दिए , क़ैद चिड़ियों को रखा , बाज़ के पर खोल दिए , ऐ ख़ुदा मंदिर ओ मस्जिद में लगाकर ताले , आज सरकार ने मयखानों के दर खोल दिए - - - - ख़ौफ़ ने सड़कों को वीरान कर दिया , वक़्त ने ज़िंदगी को हैरान कर दिया क...
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