KHUDA KARE KI MOHABBAT ME_TASLEEM FAZLI ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए - २ किसी का नाम लूँ लब पे तुम्हारा नाम आए ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए ख़ुदा करे ss ---- कुछ इस तरह से जिए ज़िंदगी बसर न हुई - २ तुम्हारे बा ' द किसी रात की सहर न हुई सहर नज़र से मिले ज़ुल्फ़ ले के शाम आए किसी का नाम लूँ लब पे तुम्हारा नाम आए ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए ख़ुदा करे ss ---- ख़ुद अपने घर में वो मेहमान बन के आए हैं सितम तो ये है कि अंजाम बन के आए हैं हमारे दिल की तड़प आज कुछ तो काम आए किसी का नाम लूँ लब पे तुम्हारा नाम आए ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए ख़ुदा करे ss ---- वही है साज़ वही गीत है वही मंज़र हर एक चीज़ वही है नहीं हो तुम वो मगर उसी तरह से निगाहें उठें सलाम आए किसी का नाम लूँ लब पे तुम्हारा नाम आए ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आए ख़ुदा करे ss ---- शायर: तस्लीम फ़ाज़ली / स्वर: मेहंदी हसन
PIYA NAHI JAB GAON ME_CHANDAN DAS पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- कितनी मीठी थी इमली -2 M 2 साजन थे जब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- उनके जाने की तारीख 2 M 2 दंगल था जब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- लिखने वाले आगे लिख 2 M 2 लौटोगे कब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- मन का सौदा मन के मोल 2 M 2 कैसा है मज़हब गाँव मे – 2 आग लगे सब गाँव मे पिया नहीं जब गाँव मे, आग लगे सब गाँव मे ! ---- शायर : निदा फ़ाज़ली
AGAR HAM KAHEN AUR WO MUSKURA DE_JAGJEET_SUDARSHAN FAQIR M अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें -2 M हम उन के लिए ज़िंदगानी लुटा दें F हर इक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें - 2 F चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें F हर इक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें ---- M अगर ख़ुद को भूले तो कुछ भी न भूले - 2 M कि चाहत में उन की ख़ुदा को भुला दें M अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें ---- F कभी ग़म की आँधी जिन्हें छू न पाए - 2 F वफ़ाओं के हम वो नशेमन बना दें F अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें ---- M क़यामत के दीवाने कहते हैं हम से - 2 M चलो उन के चेहरे से पर्दा हटा दें M अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें ---- F सज़ा दें सिला दें बना दें मिटा दें -2 F मगर वो कोई फ़ैसला तो सुना दें F हर इक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें F चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें M अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें M हम उन के लिए ज़िंदगानी लुटा दें F चलो ज़िंदगी को मो...
Pleasure to resd
ReplyDeleteVery nice shayar
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