AAJ KA SHER 20-05-2023

 शो'ला शीशे से गिरेगा तो किरण फूटेगी !

आँख साक़ी से मिलेगी तो सवेरा होगा !!

- संत दर्शन सिंह 

अर्थ: शोला (आग की लौ) यहाँ सूरा (अध्यात्म सुरा) की

प्रतीक है, शीशा सुरा पात्र का ! साक़ी (सतगुरु) के हरि-रस

बीने नयन जो निजानंद का छलकता पैमाना है !

तो कहते हैं "आँख साक़ी से मिलेगी तो सवेरा होगा"   

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