Mushaira - Dil Ki Zuban Se_दिल की जुबां से जो भी पुकारे मेरे साहब सुनते ...

दिल की जुबां से जो भी पुकारे मेरे साहब सुनते हैं,

कोई कहीं भी हो दुःख सारे मेरे साहब सुनते हैं !

जुगनू उगनू दीपक वीपक, कहते तो मैं चुप रहती,

कहते हैं सब चाँद सितारे, मेरे साहब सुनते हैं !

- डॉ. क़मर सुरूर

https://youtu.be/WXQ38OIByUw


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