Nazm_Tumhi Ho Meri Justju_Raunaq Kanpuri

Nazm_Tumhi Ho Meri Justju_Raunaq Kanpuri

नज़्म

तुम्ही हो मेरी जुस्तजू,

तुम्ही हो मेरी जुस्तजू,

तस्सवुर में तुझको बसाया है मैंने,

निगाहों में तुझको छुपाया है मैंने,

मेरे दिल में है तू ही तू

तुम्ही हो मेरी जुस्तजू,

- प्रदीप श्रीवास्तव रौनक़

साहेब स्मृति फाउंडेशन के द्वारा दिनांक १६ अक्टूबर २०२१ को कानपूर के स्टॉक एक्सचेंज प्रेक्षागार में 'जश्ने मौजशाही' के अंतर्गत नवम राष्ट्रिय कवि सम्मलेन मुशायरे' का आयोजन किया गया जिसमे प्रदीप श्रीवास्तव 'रौनक कानपुरी" अपनी नज़म पेश की

https://youtu.be/oGBPOY7aLdo

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