सुप्रभात, छू जाते हो तुम मुझे हर रोज एक नया ख्वाब बनकर ! ये दुनिया तो खामखां कहती है कि तुम मेरे करीब नही !! संकलन: प्रदीप श्रीवास्तव Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - November 14, 2016 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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