SHAYARI-HASRAT BHARI NAZAR SE


हसरत भरी नज़र से वो देखता है मुझको !
कुछ बोलता नहीं है बस सोचता है मुझको !!
मेरी ख़बर से मुझको रखता है बाख़बर वो !
मुझसे ज़ियादा शायद वो जानता है मुझको !!
संकलन:
प्रदीप श्रीवास्तव
ग़ज़ल गायक

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