SHAYRI-YE KYA KI CHND





ये क्या कि चंद ही क़दमो पे थक के बैठ गए !
तुम्हे तो साथ मेरा दूर तक निभाना था न !!
मुझे जो मेरे लहू में डुबो के गुज़रा है !
वो कोई ग़ैर नहीं यार एक पुराना  था !! 
(गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण के समय कोयर इंडिया के आफिस में ) 
 संकलन: 
प्रदीप श्रीवास्तव,
ग़ज़ल गायक 

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