सुप्रभात,

सुप्रभात,
ज़र्रे ज़र्रे में उसका नूर है,
झाँक ले ख़ुद में वो न तुझसे दूर है
यदि इश्क़ है उससे तो
सबसे इश्क़ कर
इबादत का यही दस्तूर है ।

Comments

Popular posts from this blog

MOHABBAT KARNE WALE KAM NA HONGE_LYRIC_HAFEEZ HOSHIYARPURI

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI