सभी जातियां सम्मानीय हैं - एक भारत श्रेष्ठ भारत

🔺 पुराने समय में जब अस्पताल नहीं होते थे तो . . 

💠 बच्चे की नाभि कौन काटता था मतलब पिता से भी पहले कौन सी जाति बच्चे को स्पर्श करती थी ?

💠 आपका मुंडन करते वक्त कौन स्पर्श करता था ?

💠 विवाह के मंडप में नाईं और धोबन भी होती थी। लड़की का पिता लड़के के पिता से इन दोनों के लिए साड़ी की मांग करता था।

💠 वाल्मीकियों के बनाये हुए सूप से ही छठ व्रत होता हैं।

💠 भोज के लिए पत्तल कौन सी जाति बनाती थी ? उसी पत्तल में सभी भोजन करते थे ।

 💠 किसने आपके कपड़े धोये ?

💠 डोली अपने कंधे पर कौन मीलो मीलो दूर से लाता था और उनके जिन्दा रहते किसी की मजाल न थी की आपकी बिटिया को छू भी दे।

💠 किसके हाथो से बनाये मिट्टी की सुराही से जेठ में आपकी आत्मा तृप्त हो जाती थी ?

💠 कौन आपकी झोपड़ियां बनाता था ?

कौन फसल लाता था ?

💠 कौन आपकी चिता जलाने में सहायक सिद्ध होता हैं ?

💠 जीवन से लेकर मरण तक सब सबको कभी न कभी स्पर्श करते थे।

और कहते है की छुआछूत था ??
यह छुआ छूत की बीमारी हिंदू धर्म को तोड़ने के लिए एक षड्यंत्र के तहत डाली थी।

💠 जातियां थी कर्म आधारित उससे पूर्व कर्म आधारित वर्ण था, पर उनके मध्य एक प्रेम की धारा भी बहती थी, जिसका कभी कोई उल्लेख नहीं करता।
अगर जातिवाद होता तो राम कभी सबरी के झूठे बेर ना खाते,वाल्मीकि के द्वारा रचित रामायण कोई नहीं पढता, कृष्ण कभी सुदामा के पैर ना धोते.।

💠 जाति में मत टूटिये, धर्म से जुड़िये . . . देश जोड़िये। सभी को अवगत कराएं ।

सभी जातियाँ सम्माननीय हैं...
एक भारत श्रेष्ठ भारत ।

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