HUZUR SAHEB AMRIT WACHAN_3A_ हुज़ूर साहेब के अमृतवचन 18.12.1997

HUZUR SAHEB AMRIT WACHAN_3A_ हुज़ूर साहेब के अमृतवचन 18.12.1997

पूज्यनीय गुरुवर हज़रत मंज़ूर आलम शाह 'कलंदर मौजशाही' ' हुज़ूर साहेब ' अपने जीवन काल में हर चौमासे पर चिल्ला पूर्ण होने के बाद महफ़िल और नियाज़ का आयोजन करवाते थे | उस दौरान हुज़ूर साहेब अपने आशिक़ और अपने मुरीदों को अमृतवचन से नवाज़ते थे | आप के अमृत वचन जीने का एक सहारा बन गए हैं |  इसी क्रम में 18.12.1997 में हुज़ूर साहेब ने अपने अमृतवचन से अपने आशिक़ों और मुरीदों को जो कहा वो आपकी ख़िदमत में पेश है और इसे बार बार सुने अपने इस अमूल्य जीवन में एक नई ऊर्जा पैदा करें |

साहेब स्मृति फ़ाउनडेशन

https://youtu.be/t3f9edhM60s


Comments

Popular posts from this blog

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI

PIYA NAHI JAB GAON ME_NIDA FAZLI_LYRIC

LYRIC_AGAR HAM KAHEN AUR WO MUSKURA DE_SUDARSHAN FAQIR