SHAYRI-MERI TADAP...

सुप्रभात,
मेरी तड़प  तो कुछ भी नही है !
सुना है उसके दीदार के लिए आईने तरसते है !!

अदाकारी जरा कमजोर है मेरी !
लोग कहते है इंसा बुरे हैं हम !!

Comments

Popular posts from this blog

MOHABBAT KARNE WALE KAM NA HONGE_LYRIC_HAFEEZ HOSHIYARPURI

LYRIC_KHUDA KARE KI MOHABBAT MEIN YE MAQAAM AAYE_SHAYAR-TASLEEM FAZLI