ROOH-E-SHAYRI- NA NIKALNA THA NA MUSHKIL KA KOI HAL NIKLA Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - October 18, 2016 न निकलना था न मुश्किल का कोई हल निकला ! जो समंदर में था बादल से वही जल निकला !! ज़िन्दगी भर के दुखों का सिला जन्नत में मिला ! बीज बोया था कहां और कहाँ फल मिला !! ~ बुद्ध सेन शर्मा Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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