KHUMAR BARABANKWI - EK PAL ME EK SADI एक पल में एक सदी का मज़ा हमसे पूछिए




KHUMAR BARABANKWI - EK PAL ME EK SADI

एक पल में एक सदी का मज़ा हमसे पूछिए
दो दिन की ज़िन्दगी का मज़ा हमसे पूछिए

भूले हैं रफ़्ता-रफ़्ता[1] उन्हें मुद्दतों में हम
किश्तों में ख़ुदकुशी[2] का मज़ा हमसे पूछिए

आगाज़े-आशिक़ी[3] का मज़ा आप जानिए
अंजामे-आशिक़ी[4] का मज़ा हमसे पूछिए

जलते दीयों में जलते घरों जैसी लौ कहाँ
सरकार रोशनी का मज़ा हमसे पूछिए

वो जान ही गए कि हमें उनसे प्यार है
आँखों की मुख़बिरी का मज़ा हमसे पूछिए

हँसने का शौक़ हमको भी था आप की तरह
हँसिए मगर हँसी का मज़ा हमसे पूछिए

हम तौबा करके मर गए क़ब्ले-अज़ल[5] "ख़ुमार"
तौहीन-ए-मयकशी[6] का मज़ा हमसे पूछिये
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1-धीरे-धीरे, 2 आत्म-हत्या,3- प्रेम-आरम्भ
4- प्रेम का अंत, 5- मौत से पहले,6- शराब का निरादर


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